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पंखुड़ी पाठक ने कहा, अखिलेश भइया सिर्फ ब्राह्मणों को प्रमोट करते हैं का बहाना अब नहीं चलेगा। क्लिक कर पढ़ें...



समाजवादी पार्टी की से पंखुड़ी पाठक का इस्तीफा, बोलीं- और अपमान नहीं सह सकती



pankhuri


नई दिल्ली
समाजवादी पार्टी की पूर्व प्रवक्ता, पैनलिस्ट और हंसराज कॉलेज की स्टूडेंट लीडर पंखुड़ी पाठक ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। जानकारी के मुताबिक उन्होंने यादव सेना के आरोपों से आहत होकर शनिवार को अपना इस्तीफे की जानकारी फेसबुक और ट्विटर पर दी । गौरतलब है कि हाल ही में पार्टी के पूर्व प्रवक्ता गौरव भाटिया ने भी इस्तीफा दिया था, हालांकि उन्होंने इस्तीफा देकर BJP जॉइन कर ली थी लेकिन पंखुरी की तरफ से फिलहाल ऐसी कोई खबर नहीं है। उल्टे पंखुड़ी ने यह कहा है कि वह हमेशा BJP का विरोध करती रहेंगी। उन्होंने यह भी कहा है कि वह कोई भी और पार्टी जॉइन नहीं करेंगी।




I m under no obligation to mind my language now so you better control your tongue. I will prefer to leave the country than join BJP. https://twitter.com/kulkarni_online/status/858316024374054913 …



दरअसल, पिछले कुछ समय से उत्तर प्रदेश के यादव सेना नामक संगठन और पंखुड़ी पाठक के बीच काफी अनबन चल रही थी। पंखुड़ी का कहना था कि इस संगठन के जरिये राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। पंखुड़ी ने ट्वीट करके बताया कि यह संगठन पार्टी को खत्म करने के लिए बनाया गया है। मैं कहकर थक गई। प्रूफ भी दिखा दिए लेकिन (पार्टी में) किसी ने मेरी बात को गंभीरता से नहीं लिया।






यादव सेना ने पंखुड़ी पर कई आरोप लगाते हुए उन्हें पार्टी से बाहर करने की मांग की थी। इसके चलते पंखुरी ने पार्टी छोड़ने का फैसला कर लिया। उन्होंने कहा, 'मेरी वजह से जिन लोगों को निराशा हुई है उनसे मैं हाथ जोड़ कर माफी मांगती हूं। हो सके तो माफ करना लेकिन मैं रोज अपमान सहते-सहते अब थक गई हूं। उम्मीद है आप लोग समझेंगे।'


साथ ही उन्होंने कहा कि यादव सेना के जिन भाइयों की डिमांड थी कि 'इस ब्राह्मण महिला को बाहर करो' उनकी बात मान ली गई है। मैं आशा करती हूं कि अब आप लोग जी जान से उम्र भर पार्टी और अखिलेश भैया के लिए काम करेंगे। भैया सिर्फ ब्राह्मणों को प्रमोट करते हैं का बहाना अब नहीं चलेगा।


सोशल मीडिया पर उनके इस्तीफे को लेकर तरह-तरह के रिऐक्शन देखने को मिले। समाजवादी पार्टी और यादव सेना के समर्थकों ने उन पर पार्टी से विश्वासघात करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब पार्टी का खराब वक्त चल रहा है तो सब लोग पार्टी छोड़कर जा रहे हैं।


इन आरोपों के जवाब में पंखुड़ी ने भी कई ट्वीट किए लेकिन जब आरोपों का सिलसिला जारी रहा तो उन्होंने एक आखिरी ट्वीट करके कहा, मैं जो कह सकती थी वह सब कह दिया। अब इस मुद्दे पर मुझे और कुछ नहीं कहना है। उम्मीद करती हूं कि मेरी चेतावनी को गंभीरता से लिया जाएगा। समाजवादी पार्टी को भविष्य के लिए शुभकामनाएं।

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